नवकृति संस्था, उदयपुर गणतंत्र गौरव गोष्ठी में देशभक्ति के तराने
By Goapl Gupta ·
01 Feb 2026 ·
5 views
नवकृति संस्था, उदयपुर
गणतंत्र गौरव गोष्ठी में देशभक्ति के तराने
उदयपुर संवाददाता जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। नगर की साहित्यिक संस्था नवकृति की ओर से आयोजित गणतंत्र गौरव कवि गोष्ठी में कवियों ने देश प्रेम, मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण रचनाओं का पाठ किया। आर्य समाज हिरण मगरी के सभागार में आयोजित कवि गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ गीतकार जगदीश तिवारी ने की। डा. जी एस त्रिवेदी, श्रेणीदान चारण ने अतिथि कवि के रूप में काव्य पाठ किया। यह जानकारी देते हुए संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल मेहरा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत श्रीमती आसमा बेगम द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। सागर मल सर्राफ ने "प्राण से प्यारा लगे देश का विश्वास " शकील जयपुरी ने - हमे जान से प्यारा है अपना वतन ,सुभाष शर्मा ने "होंसलों के साथ मेरा देश बढ़ रहा।" आसमा बेगम ने " पाई है यह आजादी बड़ी मुश्किलों के बाद। रखो इसे संभाल कर रहो इक साथ।"
रियाज़ अहमद कंधारी ने -तुझसे तो हमें प्यार है छब्बीस जनवरी। गुलज़ार चित्तौड़गढ़ी -ने गणतंत्र दिवस हम सब का प्यारा । जन मंत्र हम सब का प्यारा। इक़बाल हुसैन इक़बाल ने "खुब सूरत लाजवाब मेरी कमी, चाहना बेहिसाब मेरी कमी"। श्रेणीदान चारण ने मैं एकता का घर बनाउंगा।डा . जी एस त्रिवेदी - क्यों न करें हम आज गर्व गणतंत्र का। रामदयाल मेहरा ने " ना धन दौलत की चाहत है ना यश बल भगवान,मेरी चाहत भारत भू का सुखी रहे इंसान" सुनाकर गोष्ठी को ऊंचाईयां प्रदान की। साबीरा रानी की ग़ज़ल खूब पसंद की गई।संचालन गुलज़ार चित्तौड़गढ़ी ने किया।