फर्जी आरटीओ कर्मी बनकर अवैध वसूली करने वाला गिरफ्तार, परिवहन विभाग ने दर्ज कराई एफआईआर
By Goapl Gupta ·
04 Feb 2026 ·
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फर्जी आरटीओ कर्मी बनकर अवैध वसूली करने वाला गिरफ्तार, परिवहन विभाग ने दर्ज कराई एफआईआर
धौलपुर (सचीन सिंह) जिले में फर्जी तरीके से आरटीओ कर्मी बनकर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने के मामले में परिवहन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के आधार पर की गई, जिसमें एक व्यक्ति धौलपुर बॉर्डर पर खुद को आरटीओ कर्मी बताकर ट्रक चालकों से जबरन एंट्री शुल्क वसूलता नजर आ रहा था।
परिवहन विभाग द्वारा इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की गहन जांच की गई। जांच में सामने आया कि संबंधित व्यक्ति न तो परिवहन विभाग का कर्मचारी है और न ही किसी अन्य सरकारी विभाग से जुड़ा हुआ है। वीडियो में वह व्यक्ति वाहन चालक को मारपीट की धमकी देते हुए, गाली-गलौज कर अवैध रूप से पैसे मांगता दिखाई दे रहा था।
परिवहन विभाग द्वारा जिले में अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर कर चोरी रोकने के लिए नियमित रूप से राज्य के प्रवेश मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाया जाता है। इस दौरान बिना कर चुकाए संचालित वाहनों के खिलाफ राजस्थान मोटर कराधान अधिनियम, 1951 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा ओवरलोड, डबल डीजल टैंक, ओवर हाइट, रिफ्लेक्टर टेप जैसे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर भी चालान की कार्रवाई की जाती है।
वायरल वीडियो के संबंध में जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी व्यक्ति एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह आदतन अपराधी है और सरकारी कर्मी बनकर वाहन चालकों को भयभीत कर अवैध वसूली करता रहा है।
परिवहन विभाग की ओर से आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 121, 308(2), 351(2) और 356(2) के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि
भविष्य में यदि कोई व्यक्ति वाहन चालकों को अपना हथियार बनाकर, निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए विभाग की छवि को धूमिल करने का प्रयास करता है या इस प्रकार के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे तत्वों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, जो राजस्व को नुकसान पहुंचाने या राज्य के कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करेंगे।