विजय शर्मा की सेवा से वेस्ट बेस्ट वगाल का सुब्बू जयपुर में परिवार से मिला”दादी की आँखों से नहीं रुके आँसू*
By Goapl Gupta ·
06 Feb 2026 ·
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, *विजय शर्मा की सेवा से West Bengal का सुब्बू Jaipur में परिवार से मिला”दादी की आँखों से नहीं रुके आँसू*
पश्चिम बंगाल के रहने वाले सुवा विश्वास (सुब्बू) नशे की लत के कारण घर से भटक गए थे। घर में केवल उनकी बुज़ुर्ग दादी ही थीं। बीते 3 महीनों से सुब्बू लापता थे और दादी जी की दुनिया जैसे थम सी गई थी।
दिनभर मेहनत-मजदूरी करना और दोपहर के बाद सड़कों पर अपने पोते को ढूँढना—यही दादी जी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी बन चुकी थी।
इसी बीच कालवाड़ रोड, जयपुर पर किसी संवेदनशील व्यक्ति ने हरि सेवा आश्रम के संस्थापक विजय शर्मा जी को सूचना दी।
सूचना मिलते ही विजय शर्मा जी बिना देर किए मौके पर पहुँचे और सुब्बू को रेस्क्यू कर आश्रम लाए।
आश्रम में उन्हें नहलाया गया, बाल कटवाए गए, साफ कपड़े पहनाए गए और सबसे बढ़कर—सम्मान और अपनापन देकर नया जीवन दिया गया।
रेस्क्यू के बाद विजय शर्मा जी यहीं नहीं रुके। उनका लक्ष्य हमेशा एक ही रहता है—बिछड़े इंसान को उसके परिवार तक पहुँचाना।
लगातार 20 दिनों की कड़ी मेहनत और सोशल मीडिया के माध्यम से तलाश जारी रही और आज आखिरकार वह पल आया जब सुब्बू को उनके परिवार से मिलवा दिया गया।
जैसे ही दादी जी ने आश्रम में अपने पोते सुब्बू को देखा, उनकी आँखों से आँसू रुक ही नहीं पाए।
दादी ने बताया कि पिछले तीन महीनों में वे 30 साल बूढ़ी हो गई थीं।
दो बार तो सुब्बू को ढूँढते समय दादी जी का एक्सीडेंट भी हुआ, जिससे वे बेहोश तक हो गई थीं—लेकिन फिर भी उन्होंने तलाश नहीं छोड़ी।
विजय शर्मा जी अब तक 50 से अधिक लोगों का रेस्क्यू कर चुके हैं, जिनमें से 30 से ज़्यादा लोगों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुँचाया जा चुका है।
यह सेवा सोशल मीडिया इंस्टाग्राम आईडी – vijay sharma seva के माध्यम से भी लगातार जारी है।
इस नेक सेवा में विजय शर्मा जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है उनका सेवा परिवार व्हाट्सऐप ग्रुप, जहाँ मौजूद लोग दान व सहयोग करते हैं, जिससे आश्रम का संचालन और यह मानव सेवा संभव हो पा रही है।
आज सुब्बू की घर वापसी सिर्फ एक इंसान की नहीं, बल्कि उम्मीद, भरोसे और इंसानियत की जीत है।
विजय शर्मा जी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब इरादे नेक हों, तो भगवान भी इंसान के रूप में मदद के लिए आगे आ जाते हैं।
🙏 सलाम है इस सेवा, इस समर्पण और इस इंसानियत को।