ShubhBhaskar
JANTANTRAKI AWAZ
E Paper

उदयपुर सौर वेधशालाः सौर भौतिकी पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 10 से उदयपुर में

By Goapl Gupta · 09 Feb 2026 · 21 views
उदयपुर सौर वेधशालाः सौर भौतिकी पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 10 से उदयपुर में
वेधशाला की स्वर्ण जयंती के क्रम में होगा आयोजन
पद्मश्री ए एस किरण कुमार आएंगे

उदयपुर संवाददाता जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। विश्व प्रसिद्ध फतहसागर झील के मध्य टापू पर वर्ष 1975 में स्वप्नदर्शी दिवंगत प्रो अरविंद भटनागर द्वारा स्थापित उदयपुर सौर वेधशाला का स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 से 13 फरवरी तक थर्ड स्पेस उदयपुर में एक्सप्लोरिंग द सन एट हाई.रिजोल्यूशन प्रेजेंट पर्सपेक्टिव्स एंड फ्यूचर होराइजन्स विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होगा।

वेधशाला के निदेशक श्री शिबू मैथ्यू ने बताया कि यह सम्मेलन विशेषज्ञों को उन्नत दूरबीनों और मिशनों से प्राप्त सौर वायुमंडलीय घटनाओं के निष्कर्षों को साझा करने और उच्च रिजोल्यूशन सौर भौतिकी में भविष्य की दिशाओं पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। कार्यशाला में भारत और विदेश के लगभग 100 प्रतिष्ठित सौर भौतिकविदों के शामिल होने की उम्मीद है। 10 फरवरी को उद्घाटन सत्र में इसरो और अंतरिक्ष आयोग के पद्मश्री ए एस किरण कुमार का संबोधन होगा। डॉ लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ सम्मानित अतिथि होंगे। प्रो अनिल भारद्वाज स्वागत भाषण देंगे। प्रो भुवन जोशी वेधशाला का ऐतिहासिक अवलोकन प्रस्तुत करेंगे।


श्री मैथ्यू ने बताया कि उदयपुर सौर वेधशाला सौर भौतिकी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान बन गई है। इस वर्ष का यह मील का पत्थर दोहरा महत्व रखता है, क्योंकि यह मल्टी एप्लीकेशन सोलर टेलीस्कोप् (मास्ट) की 10वीं वर्षगांठ भी है, जो भारत की सबसे बड़ी और सबसे उन्नत सौर अवलोकन सुविधा है।
वेधशाला का प्राथमिक उद्देश्य सौर गतिशीलता की समझ को आगे बढ़ाना है जिसमें सूर्य की वायुमंडलीय परतों के बीच होने वाली अंतः क्रियाएं शामिल हैं। इसका व्यापक लक्ष्य पृथ्वी के निकट अंतरिक्ष मौसम के प्रभावों को स्पष्ट करना और यह आकलन करना है कि सौर चुंबकीय क्षेत्र किस प्रकार स्थलीय और अंतरिक्ष आधारित प्रौद्योगिकियों को प्रभावित करते हैं। श्री मैथ्यू ने बताया कि वेधशाला के अनुसंधान के केंद्र में मास्ट टेलीस्कोप है जो उच्च रिजोल्यूशन सौर भौतिकी जांच को सक्षम बनाता है और भारत के आदित्य एल 1 के मिशन के डेटा का पूरक बनता है। मास्ट के अवलोकनों को जीओएनजी और ई-केलिस्टो जैसे अन्य उपकरणों के साथ एकीकृत किया गया है जो सौर घटनाओं के व्यापक अध्ययन में सहायता करते हैं। ये अवलोकन संबंधी डेटासेट भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला के सुपर कंप्यूटिंग संसाधनों के माध्यम से उन्नत संख्यात्मक सिमुलेशन को भी आधार प्रदान करते हैं।

More News

कूडो अरेना (मार्शल आर्ट अकैडमी) के अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय उपलब्धि प्राप्त खिलाड़ी सम्मानित
घमूड़वाली थाना स्टाफ ने गोशाला में गऊ माताओं के लिए 7 पंखे किए भेंट*
युवा उद्यमी विवेक दलावत को एक नई और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विवेक दलावत 'बोर्ड ऑफ एडवाइजरी' में नियुक्त
अंतर्राष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष उड़ान दिवस - डॉ. श्रीनिवास महावर
आद्य संवाददाता देवर्षि नारद जयंती पत्रकार सम्मान 2026 3 मई को उदयपुर में
भारतीय संविधान के सिंधी देवनागरी लिपि में उपराष्ट्रपति द्वारा विमोचन में उदयपुर के राजानी और अन्य समाजजन भी बने साक्षी देश बर से सिंधी समाज के कई समाजबंधु पहुंचे, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी व सांसद शंकर लालवानी के प्रयासों से सिंधी समाज को मिला गौरव
Share News

WhatsApp

X

Facebook

Telegram

Instagram

YouTube