ऑनलाइन काव्यगोष्ठी में शब्दों की साधना, साहित्यिक एकजुटता का सशक्त संदेश
By Goapl Gupta ·
11 Feb 2026 ·
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ऑनलाइन काव्यगोष्ठी में शब्दों की साधना, साहित्यिक एकजुटता का सशक्त संदेश
सुभाष तिवारी लखनऊ
प्रतापगढ़
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट, प्रयागराज इकाई के तत्वावधान में आयोजित त्रैमासिक काव्यगोष्ठी का सफल आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया। साहित्यिक चेतना को जीवंत रखने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से जुड़े साहित्यकारों ने काव्यपाठ के माध्यम से संवेदना, संस्कार और सृजनात्मकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार आदरणीया डॉ. गीता अपराजिता रहीं। अस्वस्थ होने के बावजूद उन्होंने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अपना सुमधुर गीत प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित श्रोताओं और कवियों का उत्साह कई गुना बढ़ गया। उनके काव्य में भावनात्मक गहराई और मानवीय संवेदना स्पष्ट रूप से झलकी।
संस्था की महासचिव आदरणीया सत्यभामा दीदी ने अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद कार्यक्रम में सहभागिता कर आयोजन को मजबूती प्रदान की। उनकी सक्रिय भूमिका ने यह स्पष्ट किया कि साहित्यिक गतिविधियां समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अयोध्या प्रसाद द्विवेदी ने की। उनके कुशल मार्गदर्शन में काव्यगोष्ठी अनुशासित, गरिमामयी और प्रभावशाली ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने अपने बासंती गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विशिष्ट काव्यपाठ करते हुए आदरणीय डॉ. वीरेंद सिंह कुसुमाकर ने अपने बासंती गीतों, दोहों और छंदों से साहित्यिक वातावरण को आह्लादित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पट्टी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य अखिलेश पाण्डेय ने साहित्यकरो को समाज का प्रतिरूप बताया। कार्यक्रम के संयोजक हिंदी विभागाध्यक्ष मिथिलेश कुमार त्रिपाठी ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी के प्रति आभार प्रकट किया। राजेन्द्र प्रसाद गड़बड़ ने अपनी रचमाओ से लोगो को आत्ममुग्ध कर दिया। मनोज यादव ने जीवन की सार्थकता पर अपनी कविता सुनाई।
कार्यक्रम का संचालन राधा शुक्ला ने किया। उन्होंने वाणी वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए स्वयं भी काव्यपाठ किया और पूरे आयोजन को सहज, संयमित एवं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।