खेजड़ी के पेड़ों की कटाई, किसानों पर दबाव और पत्रकार पर हमला सोलर कंपनी की मनमानी से मचा हड़कंप, प्रशासन की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
By Goapl Gupta ·
13 Apr 2026 ·
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खेजड़ी के पेड़ों की कटाई, किसानों पर दबाव और पत्रकार पर हमला
सोलर कंपनी की मनमानी से मचा हड़कंप, प्रशासन की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
सादुलशहर क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और लोकतंत्र की नींव पत्रकारिता तीनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि एक सोलर कंपनी द्वारा बिना किसी वैध अनुमति के राजस्थान के राज्य वृक्ष खेजड़ी के हरे-भरे पेड़ों को बेरहमी से काटा जा रहा है। यह कार्य खुलेआम दिन-दहाड़े किया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार विभाग और प्रशासन पूरी तरह मौन साधे बैठे हैं।
किसानों के खेतों में जबरन घुसपैठ
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी के कर्मचारी न केवल पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, बल्कि किसानों की अनुमति के बिना उनके खेतों में जबरन सोलर पोल गाड़ रहे हैं।
कई किसानों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया गया
भूमि के अधिकारों की अनदेखी कर जबरन कब्जे जैसे हालात बनाए जा रहे हैं
वर्षों से संजोई गई खेती और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है
यह पूरा घटनाक्रम किसानों के लिए दोहरी मार साबित हो रहा है एक तरफ उनकी आजीविका पर खतरा और दूसरी तरफ पर्यावरण का विनाश।
सच्चाई दिखाने पर पत्रकार पर जानलेवा हमला
मामले ने तब और भयावह रूप ले लिया जब इस पूरे घटनाक्रम की कवरेज करने पहुंचे एक पत्रकार पर कंपनी के कर्मचारियों ने कथित रूप से हमला कर दिया।
कवरेज के दौरान पत्रकार के साथ गाली-गलौज की गई धक्का-मुक्की और मारपीट की गई यहां तक कि जानलेवा हमला करने की कोशिश भी की गई
यह घटना साफ तौर पर यह दर्शाती है कि किस तरह सच्चाई को सामने लाने वालों को डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला
पत्रकार पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता ही समाज को सच्चाई से अवगत कराती है, लेकिन जब पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो सच सामने कैसे आएगा?
यह घटना पूरे क्षेत्र में आक्रोश का कारण बन गई है और लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। खेजड़ी: सिर्फ पेड़ नहीं, जीवन का आधार
खेजड़ी का पेड़ राजस्थान की संस्कृति, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है।
यह मिट्टी की उर्वरता बनाए रखता है
पशुओं के लिए चारे का प्रमुख स्रोत है
सूखे क्षेत्रों में जीवन का सहारा है
ऐसे में बिना अनुमति इन पेड़ों की कटाई न केवल गैरकानूनी है, बल्कि पर्यावरण के साथ एक गंभीर अपराध भी है।
उठी तेज आवाजें, कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों, किसान संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और कड़ी कार्रवाई की मांग की है—
दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए
सोलर कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो
पीड़ित पत्रकार को सुरक्षा और न्याय दिया जाए
किसानों के अधिकारों की पूरी तरह रक्षा की जाए
समर्थन में उतरा संगठन
इस पूरे मामले में भीम आर्मी भारत एकता मिशन (श्रीगंगानगर) खुलकर सामने आया है।
संगठन ने पत्रकारों और किसानों के समर्थन में आवाज उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
बड़ा सवाल
क्या विकास के नाम पर पर्यावरण और किसानों के अधिकारों को कुचला जाएगा?
क्या सच्चाई दिखाने वाले पत्रकारों को इसी तरह दबाया जाता रहेगा?
अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में कितनी निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करता है।
यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक चेतावनी है अगर अब भी आवाज नहीं उठी, तो आने वाले समय में हालात और भयावह हो सकते हैं।